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डेढ़ महीने में कोविड़ को समेटकर नजीर बना चित्रकूट मंडल, जानें कमिश्नर डीके सिंह के बेहतर कप्तानी के चलते टीम कोरोना का क्या है हाल

कहा जाता है की इरादा पक्का हो और काम के प्रति समर्पण हो तो कुछ भी कर के दिखाया जा सकता है जी हां ऐसा ही कुछ कर दिखाया है चित्रकूट के कमिश्नर और उनकी टीम ने,अप्रैल के प्रथम सप्ताह से जब कातिल कोरोना ने पूरे प्रदेश में अनियंत्रित रफ्तार से पैर पसारना शुरू किया तो पूरे प्रदेश में त्राहि माम सा माहौल बन गया,शमशान से उठते चीत्कार सुन कर हर कोई दहल गया,ऐसा ही कोई शायद हो जिसने कातिल कोरोना के चलते अपनो को ना खोया हो, एकबारगी तो लगने लगा की प्रदेश में तेजी से पांव पसार रहे रक्तबीजी राक्षस रूपी कोविड पर नियंत्रण पाना मुश्किल होगा,लेकिन कोरोना रूपी इस राक्षस के वध के लिए संकल्पित प्रदेश के मुखिया योगी आदित्य नाथ के नेतृत्व में प्रदेश के जिलों के कुछ आला अधिकारियों ने इस तरह काम किया जो किसी नजीर से कम नहीं है,ऐसा ही कुछ काम किया चित्रकूट मंडल के कमिश्नर डीके सिंह और उनकी टीम ने,अपने काम और समर्पण के बदौलत कमिश्नर और उनकी टीम ने डेढ़ महीने के भीतर ही रक्तबीज रूपी कोविड को समेट दिया,आप को बता दे की इसके पहले कोरोना की पहली लहर 2020 में डीके सिंह बतौर जौनपुर जनपद के जिलाधिकारी कोरोना को नियंत्रित करने के लिए बेहतर मैनेजमेंट के लिए पूरे प्रदेश में चर्चा में रहे और सीएम योगी ने इनके काम की ना सिर्फ सराहना किया था बल्कि पुरे प्रदेश में मॉडल के रूप में पेश किया था। आईए जानते है की चित्रकूट मंडल में कैसे थे आंकड़े और अब क्या है आंकड़ा और किस तरह का है मैनेजमेंट।

 

 

चित्रकूट धाम मंडल के चारों जिलों में मार्च 2020 से अब तक 1713714 टेस्ट किए गए जिसमें 27082धनात्मक रोगी मिले। औसत पॉजिटिविटी रेट 1.58 रही। दूसरी लहर जो 1 अप्रैल से 2021 से प्रारंभ हुई है तब से 24 मई तक 1 महीना 24 दिन में युद्ध स्तर पर सैमपेलिंग और टेस्टिंग की गई। 350209 टेस्ट किए गए। इन 2 माह के अंदर 17730 धनात्मक रोगी मिले। इस लहर में पॉजिटिविटी दर 5.06 रही है।23 मई को मंडल के चारों जिलों में कुल मिलाकर 9830 लोगों का टेस्ट हुआ। इसमें बांदा में 9 , चित्रकूट में 3, महोबा में 4 और हमीरपुर में 8 कुल 24 केस निकले। 23 मई की पॉजिटिविटी रेट मात्र 0.24 रहीं है। जो पूरे प्रदेश में किसी भी मंडल में सबसे कम है।आज 24 मई को कुल 115 संक्रमित मरीज अस्पताल में है मेडिकल कॉलेज बांदा में 78 चित्रकूट में 4 हमीरपुर में 17 महोबा में 15 शेष 392 होम आईसोलेशन में है आज 24 मई को पूरे मंडल में मात्र 507 एक्टिव केस है। इन 507 में 211 बांदा में ,121 चित्रकूट में ,91 हमीरपुर में और 84 महोबा में है पूरे मंडल में 13 कोविड-19 अस्पताल है जिसमें 1648 बेड है सभी ऑक्सीजन युक्त है। इसमें L1 स्तर के 8 अस्पताल L2 स्तर के हर जिले में एक कुल 4 अस्पताल और L3 स्तर का एक अस्पताल बांदा मेडिकल कॉलेज है।इन 13 अस्पतालों मे 196 वेंटिलेटर और 194 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की व्यवस्था है।कोविड मरीजों के लिए पूरे मंडल में 58 एंबुलेंस की व्यवस्था है।कोविड से बचाव के लिए प्रचार प्रसार के लिए 247 वाहनो पर लाउडस्पीकर लगाए गए हैं और 262 अस्थाई बिंदुओं पर लाउडस्पीकर लगाकर व्यापक रूप से लोगों को जानकारी दी जा रही है।प्रत्येक गांव में निगरानी समिति गठित है। बांदा में 469 चित्रकूट में 335 हमीरपुर में 330 और महोबा में 273 निगरानी समितियां काम कर रही हैं ।इसी प्रकार शहरी क्षेत्र के लिए मोहल्ला समितियां गठित है ।बांदा में 121 चित्रकूट में 25 हमीरपुर में जो 24 और महोबा में 90 है। अमित समितियों के कार्यकाल पर नकद रखने के लिए प्रतीक न्याय पंचायत में एक सेक्टर मजिस्ट्रेट तैनात किया गया तथा उनके ऊपर एक हर ब्लॉक में विकास खंड अधिकारी को उस विकासखंड का मजिस्ट्रेट बनाया गया तथा तहसीलदार को पूरी तहसील के लिए मजिस्ट्रेट बनाया गया जो इन निगरानी समितियों के कार्य को और गांव में स्वच्छता सैनिटाइजेशन व फागिंग के कार्य का परिवेक्षण करते हैं।प्रत्येक गांव में जो आशा तैनात हैं उनकी जिम्मेदारी है कि प्रतिदिन वह गांव में भ्रमण करेंगी। उनके पास इंफ्रारेड थर्मोमीटर होगा और पल्स ऑक्सीमीटर होगा तथा दवाओं का मेडिकल किट होगा। कोई भी लक्षणयुक व्यक्ति जो चिन्हित होता है तो उसे तत्काल उसको कोरोना की मेडिकल किट को उपलब्ध कराकर उसका इलाज प्रारंभ होगा और उसकी बाद में जांच होगी।टेस्टिंग लोगों की गांव में की थीम पर गांव गांव में भी आरआरटी की टीम जाकर के टेस्टिंग का काम कर रही। मंडल में 196 आरआरटी की टीम काम कर रही है।इन आर टी की टीमों ने गांव में जाकर अब तक 2267 गांव में टेस्टिंग का काम कर लिया है और इनमें 65131 लोगों की टेस्टिंग की है जिसमें 571 लोग पॉजिटिव पाए गए । इनको तत्काल मेडिकल किट देकर उनका इलाज प्रारंभ किया गया।आक्सीजन की कमी ना हो इसलिए पूरे मंडल में 12 ऑक्सीजन प्लांट विभिन्न अस्पतालों में स्थापित किए जा रहे हैं।पूरे मंडल के हर गांव में साफ सफाई सैनिटाइजेशन और फागिंग का कार्य युद्ध स्तर पर अभियान प्रारंभ कर दिया गया है जिसमें न्याय पंचायत के सभी गांवों के सफाई कर्मचारियों को इकट्ठा करके रोस्टर गांव वार बनाकर एक गांव को पूर्ण रूप से स्वच्छ किया जाएगा सैनैटाइज किया जाएगा और फागिंग की जाएगी उसके बाद दूसरे गांव में इस तरह सभी गांव को उस न्याय पंचायत के सभी गांव को रोस्टर वार पूर्ण स्वच्छता रूप से साफ किया जाएगा। एएनएम सेंटर ,पीएचसी, सीएचसी सभी अस्पतालों को साफ सफाई करके उनके कायाकल्प करने के लिए अभियान चला कर व्यवस्थित किया जाएगा। वार्डों में एसी भी लगाए जाएंगे।

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