वाराणसी

कोविड थर्ड वेव-वाराणसी में कोरोना के संभावित तीसरी लहर से लड़ने को लेकर तैयारी शुरू, कमिश्नर और डीएम ने कसी कमर

अप्रैल के प्रथम सप्ताह से कोरोना के दूसरे लहर ने जब अनअपेक्षित तौर पर रौद्र रूप अपना लिया तो एक बारगी तो सारा सिस्टम ध्वस्त सा होते नजर आने लगा,हालात तो तो इस कदर हो गया की लोग अपनो को बिना इलाज के बेचारगी की हालात में तड़प तड़प के मरते हुए देखने पर विवश थे,लेकिन निश्चित तौर पर वाराणसी के जिला प्रशासन और खासकर जिलाधिकारी के.आर शर्मा के समर्पण ने रंग लाया और हालात दिनों दिन सुधरता चला गया और एक महीने के अंदर ही स्थिति नियंत्रण में आ गया,और अब यह कहा जा सकता है की हालात बेहतर है,दूसरे वेब पर नियंत्रण के बाद अब कोविड की संभावित तीसरी लहर से लड़ने के लिए वाराणसी जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर समय रहते ही तैयारी शुरू कर दिया है इसी क्रम में आज कमिश्नर दीपक अग्रवाल और जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने बीएचयू के बाल रोग विभाग का निरीक्षण किया और विभाग के चिकित्सकों से सलाह मशविरा किया,आप को बता दे की वैज्ञानिको ने प्रबल आशंका जाहिर किया है की कोविड की तीसरी लहर में कोरोना बच्चो को भी अपना शिकार बना सकता है जिसके बाद केंद्र और प्रदेश सरकार ने कोविड की दूसरी लहर से सीख लेते हुए समय रहते इस लड़ाई से लड़ने की तैयारी शुरू कर दी है।

 मंगलवार को कमिश्नर और डीएम ने बीएचयू के आयुर्वेदिक अस्पताल में चेस्ट वार्ड, रेस्पिरेटरी आईसीयू बाल रोग विभाग / बच्चों के अस्पताल के आईसीयू तथा एनआईसीयू वार्डों का मेडिकल सुपरिटेंडेंट बीएचयू, डा. सौरभ सिंह, ट्रामा सेंटर इंचार्ज व डिप्टी एमएस बीएचयू तथा बाल रोग विभाग के विशेषज्ञ डाक्टरों के साथ निरीक्षण किया।निरीक्षण के दौरान मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी ने डाक्टरों से विभिन्न आवश्यकताओं और उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों की जानकारी ली। इसके अलावा आईसीयू के लिए आवश्यक उपकरण, उसके फंक्शन और उसकी लागत के बारे में विशेष रूप से पूछा कि बच्चों के इलाज के लिए अच्छे व जरूरी उपकरण बनाने वाली कौन सी कंपनियां हैं जहां से उपकरण खरीदे जा सकते हैं।

बाल रोग विभाग में एलएमओ की क्षमता बढ़ा कर और बेडों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, वर्तमान में पीकू एवं नीकू के कुल 48 बेड हैं। इसके अलावा सीएसएसबी में बच्चों के 54 बेड का कोविड वार्ड संचालित है। एनआईसीयू एवं एसएनसीयू के 30 बेड संचालित है।इसके अलावा आयुर्वेद के चेस्ट वार्ड में जहां 40 बेड हैं उसे पोस्ट कोविड वार्ड बनाया जायेगा। दोनो अधिकाारियों द्वारा चाइल्ड स्पेशलिस्ट डाक्टर्स के साथ बच्चों के आईसीयू में जाकर उनके इलाज का जायजा भी लिया गया।

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